कम स्पर्म काउंट की समस्या को केवल खान-पान से जोड़ना सही नहीं है। शुक्राणुओं की संख्या कम होने के पीछे जीवनशैली, हार्मोन में बदलाव, वैरिकोसील, संक्रमण, कुछ दवाइयां, अधिक गर्मी, मोटापा और कई अन्य कारण हो सकते हैं।
यदि आप जानना चाहते हैं कि स्पर्म काउंट कैसे बढ़ाएं या स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए क्या खाएं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि किसी एक फल, ड्राई फ्रूट या घरेलू नुस्खे से स्पर्म काउंट बढ़ने की गारंटी नहीं दी जा सकती। संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या प्रजनन स्वास्थ्य को सहारा दे सकते हैं, लेकिन असली कारण जानने के लिए सीमेन एनालिसिस और डॉक्टर की सलाह जरूरी हो सकती है।
स्पर्म काउंट क्या होता है?
स्पर्म काउंट से आशय वीर्य के नमूने में मौजूद शुक्राणुओं की संख्या से है। पुरुष की फर्टिलिटी केवल स्पर्म काउंट पर निर्भर नहीं करती। सीमेन एनालिसिस में मुख्य रूप से इन मापदंडों की जांच होती है:
- स्पर्म कंसंट्रेशन: एक मिलीलीटर वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या।
- टोटल स्पर्म नंबर: पूरे वीर्य नमूने में शुक्राणुओं की कुल संख्या।
- मोटिलिटी: शुक्राणुओं की आगे बढ़ने की क्षमता।
- मॉर्फोलॉजी: शुक्राणुओं का आकार और संरचना।
- सीमेन वॉल्यूम: वीर्य की कुल मात्रा।
- वाइटैलिटी: जीवित शुक्राणुओं का प्रतिशत।
WHO Laboratory Manual for Human Semen Examination की छठी एडिशन पर आधारित सामान्य lower reference values इस प्रकार हैं:
| मापदंड | Lower reference value |
|---|---|
| वीर्य की मात्रा | लगभग 1.4 ml |
| स्पर्म कंसंट्रेशन | लगभग 16 मिलियन प्रति ml |
| कुल शुक्राणु संख्या | लगभग 39 मिलियन प्रति ejaculate |
| Progressive motility | लगभग 30% |
| सामान्य आकार वाले शुक्राणु | लगभग 4% |
ये आंकड़े किसी पुरुष को निश्चित रूप से fertile या infertile घोषित करने की सीमा नहीं हैं। सामान्य सीमा से कम परिणाम होने पर भी प्राकृतिक गर्भधारण संभव हो सकता है, जबकि सामान्य रिपोर्ट के बावजूद दूसरे कारणों से गर्भधारण में कठिनाई आ सकती है।
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कम स्पर्म काउंट का पता कैसे चलता है?
कम स्पर्म काउंट को चिकित्सकीय भाषा में ओलिगोजूस्पर्मिया (Oligozoospermia) कहा जाता है। यदि वीर्य में शुक्राणु बिल्कुल न मिलें तो इसे एजूस्पर्मिया (Azoospermia) कहते हैं।
आमतौर पर कम स्पर्म काउंट के स्पष्ट बाहरी लक्षण नहीं होते। इसका पता अक्सर तब चलता है जब दंपति को नियमित असुरक्षित संबंध के बावजूद गर्भधारण में कठिनाई होती है।
कम सेक्स ड्राइव, इरेक्शन या इजैकुलेशन से संबंधित परेशानी, अंडकोष में दर्द या सूजन और शरीर के बालों में असामान्य कमी जैसे लक्षण कभी-कभी किसी अंदरूनी समस्या की ओर संकेत कर सकते हैं। ऐसे लक्षणों में डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
स्पर्म काउंट कम होने के प्रमुख कारण

1. वैरिकोसील
वैरिकोसील में अंडकोष के आसपास की नसें फूल जाती हैं। इससे अंडकोष का तापमान और सामान्य कार्य प्रभावित हो सकता है। कुछ पुरुषों में इसका असर स्पर्म काउंट और क्वालिटी पर पड़ सकता है।
2. हार्मोन संबंधी समस्या
टेस्टोस्टेरोन, FSH, LH, थायरॉइड और प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन शुक्राणु बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। हर व्यक्ति को सभी हार्मोन टेस्ट की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर लक्षणों और सीमेन रिपोर्ट के अनुसार जांच तय करते हैं।
3. संक्रमण या रुकावट
यौन संचारित संक्रमण, प्रजनन मार्ग में संक्रमण या शुक्राणुओं को बाहर ले जाने वाली नलियों में रुकावट के कारण भी वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है।
4. आनुवंशिक अथवा जन्मजात कारण
कुछ पुरुषों में आनुवंशिक स्थितियां, बचपन में अंडकोष का नीचे न उतरना, अंडकोष की चोट या पूर्व सर्जरी शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
5. दवाइयां और मेडिकल ट्रीटमेंट
कीमोथेरेपी, रेडिएशन और कुछ विशेष दवाइयां पुरुष फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। दवा अपने आप बंद न करें। संबंधित डॉक्टर से उसके संभावित प्रभाव और सुरक्षित विकल्प पर बात करें।
6. धूम्रपान, शराब और नशीले पदार्थ
धूम्रपान, अधिक शराब, कोकीन और बॉडीबिल्डिंग में उपयोग होने वाले anabolic steroids स्पर्म उत्पादन तथा गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। गर्भधारण की योजना बनाते समय इनसे बचना उचित है।
7. बिना सलाह टेस्टोस्टेरोन लेना
टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन, जेल या anabolic steroids का गलत उपयोग शरीर के प्राकृतिक शुक्राणु उत्पादन को कम या बंद कर सकता है। गर्भधारण की इच्छा रखने वाले पुरुष डॉक्टर की सलाह के बिना टेस्टोस्टेरोन का प्रयोग न करें।
8. मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और खराब दिनचर्या
अधिक वजन, असंतुलित भोजन, कम व्यायाम और अनियमित नींद संपूर्ण स्वास्थ्य और हार्मोन संतुलन पर असर डाल सकते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना फर्टिलिटी के लिए भी सहायक हो सकता है।
9. अधिक गर्मी और केमिकल एक्सपोजर
बार-बार बहुत गर्म पानी से नहाना, लंबे समय तक सॉना लेना, गोद में लैपटॉप रखकर काम करना और कार्यस्थल पर pesticides, solvents या heavy metals के संपर्क में रहना कुछ पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है।
स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए क्या खाएं?

किसी एक खाद्य पदार्थ को “स्पर्म बढ़ाने की दवा” नहीं माना जा सकता। बेहतर तरीका यह है कि अलग-अलग पोषक तत्वों वाला संतुलित आहार लिया जाए।
1. फल और रंग-बिरंगी सब्जियां
संतरा, मौसमी, अमरूद, आंवला, पपीता, अनार, टमाटर, गाजर, पालक, शिमला मिर्च और ब्रोकोली जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन, फोलेट और प्राकृतिक antioxidants प्रदान करते हैं।
इन खाद्य पदार्थों को नियमित आहार में शामिल करना उपयोगी हो सकता है, लेकिन रोज एक गिलास अनार का जूस या कोई एक फल लेने से स्पर्म काउंट निश्चित रूप से बढ़ जाएगा—ऐसा दावा उचित नहीं है।
2. पर्याप्त प्रोटीन
शरीर की कोशिकाओं के निर्माण के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है। शाकाहारी व्यक्ति दाल, चना, राजमा, लोबिया, सोया, पनीर और दही ले सकते हैं। मांसाहारी व्यक्ति अंडे, मछली और कम वसा वाले मांस को संतुलित मात्रा में शामिल कर सकते हैं।
3. नट्स और बीज
अखरोट, बादाम, कद्दू के बीज, अलसी और चिया सीड्स में healthy fats तथा अलग-अलग micronutrients पाए जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में संतुलित भोजन के हिस्से के रूप में लिया जा सकता है।
रोज 75 ग्राम अखरोट, बहुत ज्यादा कद्दू के बीज या किसी विशेष मात्रा को सभी लोगों के लिए जरूरी मानना सही नहीं है। नट्स में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए वजन, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखें।
4. जिंक वाले खाद्य पदार्थ
चना, मसूर, राजमा, कद्दू के बीज, मूंगफली, अंडे और कुछ non-vegetarian foods जिंक प्रदान कर सकते हैं। जिंक शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन अधिक मात्रा में zinc supplement लेने से लाभ की गारंटी नहीं है और नुकसान भी हो सकता है।
5. फोलेट और आयरन वाले खाद्य पदार्थ
पालक, मेथी, चना, राजमा, मसूर, संतरा और दूसरे हरे पत्तेदार खाद्य पदार्थ फोलेट प्रदान करते हैं। सप्लीमेंट की आवश्यकता है या नहीं, यह डॉक्टर जांच और आहार के आधार पर निर्धारित करें।
6. ओमेगा-3 वाले खाद्य पदार्थ
मछली, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्रोत हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
7. साबुत अनाज
ओट्स, दलिया, बाजरा, ज्वार, रागी, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं से फाइबर तथा दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं। इनका उपयोग अत्यधिक processed foods के स्थान पर किया जा सकता है।
8. पर्याप्त पानी
शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त hydration सामान्य शारीरिक कार्यों और semen volume को support कर सकता है, लेकिन अधिक पानी पीने मात्र से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने की गारंटी नहीं होती।
एक सरल दैनिक डाइट का उदाहरण
| समय | भोजन का उदाहरण |
|---|---|
| सुबह | दलिया या ओट्स, एक मौसमी फल और थोड़े नट्स |
| नाश्ता | अंडे, स्प्राउट्स, बेसन चीला या पनीर |
| दोपहर | रोटी या चावल, दाल, हरी सब्जी, सलाद और दही |
| शाम | फल, भुना चना या सीमित मात्रा में बीज |
| रात | दाल, पनीर, अंडा, मछली या चिकन के साथ सब्जियां |
| दिनभर | आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी |
यह केवल सामान्य उदाहरण है। डायबिटीज, मोटापा, किडनी, लिवर, एलर्जी या दूसरी बीमारी होने पर व्यक्तिगत diet plan डॉक्टर या qualified dietitian से बनवाएं।
स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव करें?
धूम्रपान बंद करें
Smoking sperm concentration, motility और overall sperm quality को प्रभावित कर सकती है। इसे छोड़ना प्रजनन स्वास्थ्य के साथ हृदय और फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।
शराब कम या बंद करें
अधिक शराब हार्मोन और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। गर्भधारण की योजना के दौरान शराब को सीमित या बंद करने पर डॉक्टर से सलाह लें।
नियमित व्यायाम करें
सप्ताह के अधिकांश दिनों में हल्का या मध्यम व्यायाम, तेज चलना, योग अथवा साइक्लिंग स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद कर सकता है। बहुत अधिक intensive exercise और anabolic steroids से बचें।
पर्याप्त नींद लें
रोज लगभग 7–9 घंटे की नींद और नियमित सोने का समय संपूर्ण स्वास्थ्य तथा हार्मोन संतुलन के लिए सहायक है।
अंडकोष को अधिक गर्मी से बचाएं
बहुत गर्म पानी में लंबे समय तक बैठना, लगातार सॉना लेना और गोद में गर्म लैपटॉप रखना सीमित करें। आरामदायक और ढीले कपड़े पहनना भी उपयोगी हो सकता है।
कार्यस्थल पर सुरक्षा रखें
यदि आपका काम pesticides, solvents, paint chemicals या heavy metals के संपर्क वाला है, तो उचित protective equipment और workplace safety rules का पालन करें।
नियमित संबंध बनाएं
गर्भधारण की कोशिश कर रहे दंपति सामान्यतः हर 2–3 दिन में असुरक्षित संबंध बना सकते हैं। केवल कई दिनों तक वीर्य “जमा” करके रखने से गर्भधारण की गारंटी नहीं बढ़ती।
क्या सप्लीमेंट स्पर्म काउंट बढ़ाते हैं?
बाजार में zinc, selenium, folic acid, vitamin C, vitamin E, CoQ10 और कई antioxidant supplements स्पर्म बढ़ाने के दावे के साथ बेचे जाते हैं। लेकिन सभी पुरुषों में इनसे गर्भधारण या live birth की संभावना बढ़ने का मजबूत प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
AUA/ASRM Male Infertility Guideline के अनुसार male infertility में vitamins और antioxidants के clinical benefits अभी स्पष्ट नहीं हैं। Cochrane की समीक्षा भी उपलब्ध प्रमाण की certainty को low या very low बताती है।
इसलिए अश्वगंधा, शिलाजीत, सफेद मुसली, जिंक या किसी fertility supplement को अपने आप शुरू न करें। उसकी गुणवत्ता, मात्रा, दूसरी दवाओं के साथ interaction और आपकी वास्तविक कमी की जांच जरूरी है।
स्पर्म काउंट की जांच कैसे होती है?

कम स्पर्म काउंट की मुख्य जांच सीमेन एनालिसिस है। इसमें स्पर्म कंसंट्रेशन, कुल संख्या, स्पर्म मोटिलिटी, मॉर्फोलॉजी, semen volume और दूसरे मापदंड देखे जाते हैं।
एक सीमेन रिपोर्ट से हमेशा अंतिम निष्कर्ष नहीं निकलता, क्योंकि अलग-अलग समय पर परिणाम बदल सकते हैं। AUA/ASRM evaluation guideline के अनुसार पहली रिपोर्ट असामान्य होने पर डॉक्टर repeat semen analysis की सलाह दे सकते हैं।
रिपोर्ट और लक्षणों के आधार पर आगे की जांच में निम्न शामिल हो सकते हैं:
- मेडिकल और reproductive history
- Physical examination
- FSH, LH, testosterone या दूसरे जरूरी hormone tests
- अंडकोष का ultrasound
- संक्रमण से संबंधित जांच
- गंभीर कमी या azoospermia में genetic testing
- आवश्यक होने पर urine अथवा अन्य specialized tests
सभी मरीजों को ये सारी जांचें करवाने की जरूरत नहीं होती।
सुधार दिखने में कितना समय लग सकता है?
शुक्राणुओं के निर्माण और परिपक्व होने की प्रक्रिया में कई सप्ताह लगते हैं। इसलिए diet और lifestyle changes का मूल्यांकन कुछ दिनों में नहीं करना चाहिए। डॉक्टर अक्सर लगभग तीन महीने बाद repeat semen analysis की सलाह दे सकते हैं।
सुधार का समय कारण पर निर्भर करेगा। यदि समस्या वैरिकोसील, हार्मोन, संक्रमण, genetic condition या blockage से जुड़ी है, तो केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होंगे।
स्पर्म काउंट बढ़ाने में आयुर्वेद की क्या भूमिका हो सकती है?
आयुर्वेदिक परामर्श में व्यक्ति की दिनचर्या, भोजन, नींद, तनाव, पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य का व्यक्तिगत मूल्यांकन किया जा सकता है। यह healthy diet और lifestyle support प्रदान कर सकता है।
हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या पंचकर्म को कम स्पर्म काउंट का guaranteed treatment नहीं माना जाना चाहिए। इलाज से पहले semen analysis, संभावित कारण और वर्तमान दवाओं की जानकारी जरूरी है। गंभीर कमी, azoospermia, testicular pain, hormonal problem या genetic कारण की आशंका में urologist अथवा male reproductive specialist की जांच भी करानी चाहिए।
डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
निम्न स्थितियों में जांच में देरी न करें:
- 12 महीने के नियमित असुरक्षित संबंध के बाद भी गर्भधारण न हो रहा हो।
- महिला साथी की उम्र 35 वर्ष या अधिक हो और 6 महीने में गर्भधारण न हुआ हो।
- सीमेन रिपोर्ट में बहुत कम या बिल्कुल शुक्राणु न मिले हों।
- अंडकोष में दर्द, गांठ या सूजन हो।
- इरेक्शन, ejaculation या libido से संबंधित समस्या हो।
- बचपन में undescended testis या अंडकोष की सर्जरी हुई हो।
- बार-बार गर्भपात या fertility treatment failure का इतिहास हो।
- कैंसर का इलाज, chemotherapy या radiation होने वाली हो।
- testosterone या anabolic steroids का उपयोग किया गया हो।
पुरुष और महिला साथी की fertility evaluation साथ में होना बेहतर रहता है, क्योंकि गर्भधारण में दोनों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या केवल खान-पान से स्पर्म काउंट बढ़ सकता है?
संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली sperm health को support कर सकते हैं, लेकिन इससे हर व्यक्ति में स्पर्म काउंट बढ़ने की गारंटी नहीं है। वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए semen analysis जरूरी हो सकता है।
Q2. स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए कौन-सा फल सबसे अच्छा है?
कोई एक “सबसे अच्छा” फल प्रमाणित नहीं है। संतरा, अमरूद, आंवला, अनार, पपीता और दूसरे मौसमी फल संतुलित आहार में शामिल किए जा सकते हैं।
Q3. स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए?
WHO की छठी एडिशन के संदर्भ में लगभग 16 मिलियन sperm प्रति ml lower reference value है। इसे fertility का निश्चित pass या fail mark नहीं माना जाता।
Q4. क्या पतला वीर्य कम स्पर्म काउंट का संकेत है?
केवल वीर्य के गाढ़े या पतले दिखने से स्पर्म काउंट पता नहीं चलता। सही जानकारी semen analysis से मिलती है।
Q5. स्पर्म काउंट कितने दिनों में बढ़ सकता है?
Lifestyle changes का असर देखने में लगभग तीन महीने या उससे अधिक समय लग सकता है। समय समस्या के कारण और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।
Q6. क्या जिंक और antioxidant supplement लेना चाहिए?
सप्लीमेंट केवल डॉक्टर की सलाह पर लें। इनके लाभ सभी पुरुषों में प्रमाणित नहीं हैं और अधिक मात्रा नुकसान कर सकती है।
Q7. क्या टेस्टोस्टेरोन लेने से स्पर्म बढ़ता है?
नहीं। बाहर से लिया गया testosterone कई पुरुषों में प्राकृतिक शुक्राणु उत्पादन को दबा सकता है। गर्भधारण की योजना के दौरान इसे बिना specialist की सलाह न लें।
Q8. क्या कम स्पर्म काउंट के बावजूद प्राकृतिक गर्भधारण हो सकता है?
हां, कई मामलों में प्राकृतिक गर्भधारण संभव हो सकता है। संभावना स्पर्म काउंट के साथ मोटिलिटी, मॉर्फोलॉजी, महिला साथी की उम्र और दूसरे fertility factors पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष
यदि आप सोच रहे हैं कि शुक्राणु कैसे बढ़ाएं, तो शुरुआत संतुलित भोजन, स्वस्थ वजन, धूम्रपान और नशीले पदार्थों से दूरी, पर्याप्त नींद तथा नियमित व्यायाम से करें। लेकिन घरेलू उपायों को semen analysis और medical evaluation का विकल्प न मानें।
कम स्पर्म काउंट का उपचार उसके कारण पर निर्भर करता है। सही जांच के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि lifestyle support, medical treatment, surgery, fertility procedure या किसी दूसरे विकल्प की आवश्यकता है।
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डॉ. चंचल शर्मा (Dr. Chanchal Sharma)(BAMS, MD – आयुर्वेद)
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इस लेख की जानकारी हमें डॉक्टर चंचल शर्मा द्वारा दी गई है। इस विषय से जुड़ी या अन्य पीसीओएस, ट्यूब ब्लॉकेज, हाइड्रोसालपिनक्स उपचार पर ज्यादा जानकारी चाहते हैं। हमारे डॉक्टर चंचल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाए या हमसे +91 9811773770 संपर्क करें।
चिकित्सीय संदर्भ
Cochrane Review: Antioxidants for Male Subfertility
WHO Laboratory Manual for the Examination and Processing of Human Semen
World Health Organization: Infertility Fact Sheet
AUA/ASRM Guideline: Evaluation of Male Infertility
AUA/ASRM Guideline: Treatment of Male Infertility
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